IUNNATI BHAJAN भक्ति गीत : सूर्य नारायण तुम्हें प्रणाम

भक्ति गीत : सूर्य नारायण तुम्हें प्रणाम

      “ॐ श्री भास्कराय नमः” 

हे सृष्टि के सूर्य नारायण, तुमको प्रणाम,

तुमको नमन करना, है मेरा पहला काम।

कंचन रथ पर आते हो, सबको जगाते हो,

तेरा आना जाना चलता नित सुबह शाम।

हे सृष्टि के सूर्य नारायण……….

सबको हंसी खुशी मिलती है तेरे आने से,

अंधेरा छा जाता, तेरे अस्ताचल जाने से।

तेरा प्रकाश प्राणियों में जान डाल देता है,

सोते जागते सारी दुनिया लेती तेरा नाम।

हे सृष्टि के सूर्य नारायण……….

सारे संसार को लुभाती तेरी उषा की लाली,

पूरे ब्रह्माण्ड पर तेरी महिमा बड़ी निराली।

तुम कर्म करने का संदेश देते हो जग को,

तेरी किरणों में है विटामिन डी विराजमान।

हे सृष्टि के सूर्य नारायण………….

जबतक है हम लोगों पर, तेरी कृपा दृष्टि,

तबतक होती रहेगी हर्ष, आनंद की वृष्टि।

हे आदित्य नारायण तुझे हम कैसे रिझाएं?

वरदान में भक्तों को देवा, दो इतना ज्ञान।

हे सृष्टि के सूर्य नारायण…………

प्रमाणित किया जाता है कि यह रचना स्वरचित, मौलिक एवं अप्रकाशित है। इसका सर्वाधिकार कवि/कलमकार के पास सुरक्षित है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Post

श्री कृष्ण भजन

श्री कृष्ण भजन :  दर्शन दो घनश्याम नाथ मोरीश्री कृष्ण भजन :  दर्शन दो घनश्याम नाथ मोरी

श्री कृष्ण भजन  भक्ति   दर्शन दो घनश्याम नाथ मोरी, अँखियाँ प्यासी रे | दर्शन दो घनश्याम नाथ मोरी, अँखियाँ प्यासी रे |मन मंदिर की जोत जगा दो, घाट घाट वासी

BHAJANBHAJAN

“अगर नाथ देखोगे अवगुण हमारे” अगर नाथ देखोगे अवगुण हमारे,तो हम कैसे भव से लगेंगे किनारे ॥ हमारे लिए क्यों देर किए हो,हमारे लिए क्यों देर किए हो,गणिका अजामिल को

पता नहीं किस रूप में आकर “नारायण ” मिल जाएगापता नहीं किस रूप में आकर “नारायण ” मिल जाएगा

समय हाथ से निकल गया तोसिर धुन धुन पछतायेगानिर्मल मन के दर्पण में वहराम के दर्शन पायेगा राम नाम के साबुन से जोमन का मेल छुडायेगानिर्मल मन के दर्पण में