IUNNATI BHAJAN,HARI BOL पता नहीं किस रूप में आकर “नारायण ” मिल जाएगा

पता नहीं किस रूप में आकर “नारायण ” मिल जाएगा

समय हाथ से निकल गया तो
सिर धुन धुन पछतायेगा
निर्मल मन के दर्पण में वह
राम के दर्शन पायेगा

राम नाम के साबुन से जो
मन का मेल छुडायेगा
निर्मल मन के दर्पण में वह
राम के दर्शन पायेगा

झूठ कपट निंदा को त्यागो
हर प्राणी से प्यार करो
घर पर आये अतिथि तो
यथा शक्ति सत्कार करो

पता नहीं किस रूप में आकर
नारायण मिल जाएगा
निर्मल मन के दर्पण में वह
राम के दर्शन पायेगा

राम नाम के साबुन से जो
मन का मेल छुडायेगा
निर्मल मन के दर्पण में वह
राम के दर्शन पायेगा

पता नहीं किस रूप में आकर “नारायण ” मिल जाएगा ||

1 thought on “पता नहीं किस रूप में आकर “नारायण ” मिल जाएगा”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Post

स्वर्णगिरी श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर , तेलंगानास्वर्णगिरी श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर , तेलंगाना

स्वर्णगिरी श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर, जिसे आमतौर पर स्वर्णगिरी मंदिर के नाम से जाना जाता है, तेलंगाना के भोंगिर जिले में मनेपल्ली हिल्स पर स्थित है। यह मंदिर भगवान वेंकटेश्वर

श्री कृष्ण

श्री कृष्ण रुक्मण भजन : आज तुम्हे कहती है रुक्मण रानी श्री कृष्ण रुक्मण भजन : आज तुम्हे कहती है रुक्मण रानी 

श्री कृष्ण भजन भक्ति रस रुक्मण रानी जी श्री कृष्ण गुहार लगाती हुई आज तुम्हे कहती है रुक्मण रानी आज तुम्हे कहती है रुक्मण रानी,  आवीं कुण्डला वालेया, आवीं हारा

होयसलेश्वर मंदिर , हालेबिडु , कर्नाटकहोयसलेश्वर मंदिर , हालेबिडु , कर्नाटक

भारत के मंदिरों के इतिहास की इस श्रृंखला में आज हम लाए है कर्नाटक का प्रसिद्ध मंदिर होयसलेश्वर मंदिर भारत के कर्नाटक राज्य के हालेबिडु में स्थित एक प्रसिद्ध और