IUNNATI CHANAKYA NITI  चाणक्य नीति

 चाणक्य नीति

 चाणक्य नीति ⚔️

✒️ द्वितीय अध्याय 

♦️श्लोक :- ११ 

माता शत्रुः पिता वैरी येन बालो न पाठितः। 

न शोभते सभामध्ये बको यथा ।।११।। 

♦️भावार्थ — ऐसे माँ-बाप अपनी संतान के दुश्मन है जो उन्हें शिक्षित नहीं करते। अशिक्षित व्यक्ति बुद्धिमानों की सभा में उसी तरह सम्मान नहीं पाता जिस प्रकार हंसों के झुंड में बगुला।।

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