IUNNATI CHANAKYA NITI CHANAKYA NITI LIFE LESSON

CHANAKYA NITI LIFE LESSON

चाणक्य नीति ⚔️ 

✒️ तृतीय अध्याय 

♦️श्लोक : १७

किं जातैर्बहुभिः पुत्रैः शोकसन्तापकारकैः।

वरमेकः कुलाअ्अ्लम्बी यत्र  विश्राम्यते कुलम्।।१७।।

♦️भावार्थ – अपने बुरे आचरण से शोक और संताप उत्पन्न करने वाली बहुत-सी संतानों से, कुल को ऊँचा उठाने वाली और कुल के अन्य सदस्यों को आनन्द पहुँचाने वाली एक ही संतान अच्छी है

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