IUNNATI CHANAKYA NITI CHANAKYA NITI

CHANAKYA NITI

चाणक्य नीति ⚔️

✒️ द्वितीय अध्याय 

♦️श्लोक:-१०

पुत्राश्च विविधैः शीलैर्नियोज्याः सततं बुधैः।

नीतिज्ञाः शीलसम्पन्ना भवन्ति कुलपूजिताः।।१०।। 

♦️भावार्थ — बुद्धिमान इंसान को अपनी संतान को अच्छे कामों की और लगाना चाहिए, क्योंकि श्रद्धालु शीलवान और नीतिज्ञ व्यक्ति ही विश्व में पूजे जाते हैं।।

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