IUNNATI CHANAKYA NITI CHANAKYA NITI IN HINDI

CHANAKYA NITI IN HINDI

 चाणक्य नीति 

 तृतीय अध्याय

श्लोक : ९

 कोकिलानां स्वरो रूपं स्त्रीणां रूपं पतिव्रतम्।विद्या रूपं कुरूपाणां क्षमा रूपं तपस्विनाम्।।९।।

भावार्थ-– कोयल की सुंदरता उसकी वाणी है, स्त्री की सुंदरता उसका पतिव्रत धर्म है। कुरूप का सौंदर्य विद्या है और तपस्वी की सुंदरता क्षमा है।

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