IUNNATI CHANAKYA NITI CHANAKYA NITI IN HINDI

CHANAKYA NITI IN HINDI

 चाणक्य नीति 

 तृतीय अध्याय

श्लोक : ८

 रुपयौवनसम्पन्नाः विशालकुलसम्भवाः।

विद्याहीना न शोभन्ते निर्गन्ध इव किंशुकाः।।८।।

भावार्थ— सुंदरता और युवा अवस्था से संपन्न और बड़े कुल में पैदा होने पर भी विद्या से रहित व्यक्ति वैसे ही सुशोभित नहीं होते, जैसे खुशबू के बिना किंतु किंशुक पुष्प शोभायमान नहीं होते।।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Post

CHANAKYA NITI SHLOKCHANAKYA NITI SHLOK

चाणक्य नीति   तृतीय अध्याय  श्लोक : ११  उद्योगे नास्ति दारिद्रयं जपतो नास्ति पातकम्।  मौने च कलहो नास्ति नास्ति जागरिते भयम्।।११।।  भावार्थ – परिश्रम करने पर गरीबी नहीं रहती। मंत्र के

CHANAKYA NITI IN HINDICHANAKYA NITI IN HINDI

 चाणक्य नीति   तृतीय अध्याय श्लोक : ९  कोकिलानां स्वरो रूपं स्त्रीणां रूपं पतिव्रतम्।विद्या रूपं कुरूपाणां क्षमा रूपं तपस्विनाम्।।९।। भावार्थ-– कोयल की सुंदरता उसकी वाणी है, स्त्री की सुंदरता उसका पतिव्रत

CHANAKYA NITICHANAKYA NITI

चाणक्य नीति  तृतीय अध्याय श्लोक:-३ सुकुले योजयेत्कन्यां पुत्रं विद्यासु योजयेत्। व्यसने योजयेच्छत्रु मित्रं धर्मे नियोजयेत्।।३।। भावार्थ– कन्या या बेटी को अच्छे कुल में देना चाहिए और पुत्र को विद्या में लगाना