IUNNATI CHANAKYA NITI CHANAKYA NITI SHLOK

CHANAKYA NITI SHLOK

चाणक्य नीति ⚔️

तृतीय अध्याय 

श्लोक : १९ 

उपसर्गेअ्न्यचक्रे च दुर्भिक्षे च भयावहे।

असाधुजनसम्पर्के यः पलायति सः जीवति ।।१९।।

♦️भावार्थ – आग लगने, बाढ़ आने, सूखा पड़ने, उल्कापात, अकाल, आतताइयों द्वारा हमला और गलत संगति- इन हालात में जो व्यक्ति प्रभावित जगह से भाग निकलता है, वही जीवित रहता है।।

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