IUNNATI BHAJAN सुन राधिका दुलारी में – भजन

सुन राधिका दुलारी में – भजन

सुन राधिका दुलारी में - भजन (Sun Radhika Dulari Main)

सुन राधिका दुलारी में,
हूँ द्वार का भिखारी,
तेरे श्याम का पुजारी,
एक पीड़ा है हमारी ,
हमें श्याम न मिला

हम समझे थे कान्हा कही कुंजन में होगा,
अभी तो मिलन का हमने सुख नहीं भोगा

ओ सुनके प्रेम कि परिभाषा,
मन में बंधी थी जो आशा,
आशा भई रे निराशा,
झूटी दे गया दिलाशा
हमें श्याम न मिला

देता है कन्हाई जिसे प्रेम कि दिशा,
सब विधि उसकी लेता भी है परीक्षा

ओ कभी निकट बुलाये, कभी दूरियाँ बढ़ाये,
कभी हषायें रुलाये छलिया हाथ नहीं आये
हमें श्याम ना मिला…

ओ अपना जिसे यहाँ कहे सब कोई, उसके लिए में दिन रात रोई,
ओ नेह दुनिया से तोडा, नाता संवारे से जोड़ा,
उसने ऐसा मुख मोड़ा हमें कही का ना छोड़ा
हमें श्याम ना मिला

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Post

BHAJANBHAJAN

“अगर नाथ देखोगे अवगुण हमारे” अगर नाथ देखोगे अवगुण हमारे,तो हम कैसे भव से लगेंगे किनारे ॥ हमारे लिए क्यों देर किए हो,हमारे लिए क्यों देर किए हो,गणिका अजामिल को

श्री कृष्ण भजन

श्री कृष्ण भजन :  दर्शन दो घनश्याम नाथ मोरीश्री कृष्ण भजन :  दर्शन दो घनश्याम नाथ मोरी

श्री कृष्ण भजन  भक्ति   दर्शन दो घनश्याम नाथ मोरी, अँखियाँ प्यासी रे | दर्शन दो घनश्याम नाथ मोरी, अँखियाँ प्यासी रे |मन मंदिर की जोत जगा दो, घाट घाट वासी

पता नहीं किस रूप में आकर “नारायण ” मिल जाएगापता नहीं किस रूप में आकर “नारायण ” मिल जाएगा

समय हाथ से निकल गया तोसिर धुन धुन पछतायेगानिर्मल मन के दर्पण में वहराम के दर्शन पायेगा राम नाम के साबुन से जोमन का मेल छुडायेगानिर्मल मन के दर्पण में