IUNNATI ADHYATMIK UNNATI द्वारकाधीश मंदिर, द्वारका(गुजरात) 

द्वारकाधीश मंदिर, द्वारका(गुजरात) 

द्वारकाधीश मंदिर, द्वारका(गुजरात) 

द्वारकाधीश मंदिर हिन्दूओं का प्रसिद्ध और महत्वपूर्ण स्थान है। यह मंदिर भगवान श्री कृष्ण को समर्पित है। यह मंदिर गोमती नदी के तट पर तथा इस स्थान पर गोमती नदी अरब सागर से मिलती है।  

द्वारकाधीश मंदिर 5 मंजिला इमारत का तथा 72 स्तंभों द्वारा समर्थित, को जगत मंदिर या त्रिलोक सुन्दर (तीनों लोको में सबसे सुन्दर) मंदिर के रूप में जाना जाता है, पुरातात्विक द्वारा बताया गया हैं कि यह मंदिर 2,200-2000 वर्ष पुराना है। 

15वीं-16वीं सदी में मंदिर का विस्तार हुआ था। इस मंदिर का निर्माण भगवान श्री कृष्ण के पोते वज्रभ द्वारा किया गया था। 8वीं शताब्दी के हिन्दू धर्मशास्त्रज्ञ और दार्शनिक आदि शंकराचार्य के बाद, मंदिर भारत में हिंदुओं द्वारा पवित्र माना गया ‘चार धाम’ तीर्थ का हिस्सा बन गया। अन्य तीनों में रामेश्वरम, बद्रीनाथ और पुरी शामिल हैं। 

सनातन की सभ्यता,कला, ज्ञान,सामर्थ्य आदि के कारण भारत विश्व गुरु था किन्तु हिन्दुओ के अहंकार,जातिवाद, लालच एंव कायरता के चलते ना केवल हजार साल ग़ुलाम रहा अपितु पुनः अब विनाश की और अग्रसर हो रहा है 

समय की मांग पहचान समय रहते जातिवाद, मत/भाषा/क्षेत्र का भेद ,स्वार्थ एवं कायरता छोड़ जागो हिन्दुओ अन्यथा ना राष्ट्र,धर्म का अस्तित्व बचेगा ना तुम्हारे प्राण ना बहन बेटियों की आन

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Post

देवोत्थान एकादशी और तुलसी विवाहदेवोत्थान एकादशी और तुलसी विवाह

देवोत्थान एकादशी और तुलसी विवाह के पावन अवसर पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। ‘हर घर के आंगन में तुलसी,तुलसी बड़ी महान है। जिस घर में ये तुलसी रहती, वो

Unakoti, Agartala (Tripura)Unakoti, Agartala (Tripura)

स्वयं व अपने इतिहास को हम मंदिरों के माध्यम से जान सकते है  भारत के श्रेष्ठ मंदिर व उनके बारे में   उनाकोटि,  अगरतला(त्रिपुरा)   अगरतला से लगभग 178 किमी दूर स्थित

शुभ विचारशुभ विचार

शुभ रात्रि वंदन  आपका विचार शुभ हो            साधारण भारतीय के लिए पुरुषार्थ चार होते हैं, धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष। फलस्वरूप, परमार्थ एवं विश्व-कल्याण इन