IUNNATI ADHYATMIK UNNATI सोमनाथ 

सोमनाथ 

सोमनाथ 

जय श्री महाकाल 

 हर हर महादेव 

शिव जो धारण करते हैं, उनके व्यापक अर्थ हैं :–

जटाएं : ——-

शिव की जटाएं अंतरिक्ष का प्रतीक हैं।

चंद्र  :—–

चंद्रमा मन का प्रतीक है। शिव का मन चांद की तरह भोला, निर्मल, उज्ज्वल और जाग्रत है।

त्रिनेत्र : —-

शिव की तीन आंखें हैं। इसीलिए इन्हें त्रिलोचन भी कहते हैं। शिव की ये आंखें सत्व, रज, तम (तीन गुणों), भूत, वर्तमान, भविष्य (तीन कालों), स्वर्ग, मृत्यु पाताल (तीनों लोकों) का प्रतीक हैं।

सर्पहार : —-

सर्प जैसा हिंसक जीव शिव के अधीन है। सर्प तमोगुणी व संहारक जीव है, जिसे शिव ने अपने वश में कर रखा है।

त्रिशूल :——

शिव के हाथ में एक मारक शस्त्र है। त्रिशूल भौतिक, दैविक, आध्यात्मिक इन तीनों तापों को नष्ट करता है।

डमरू : —–

शिव के एक हाथ में डमरू है, जिसे वह तांडव नृत्य करते समय बजाते हैं। डमरू का नाद ही ब्रह्मा रूप है।

मुंडमाला :—-

शिव के गले में मुंडमाला है, जो इस बात का प्रतीक है कि शिव ने मृत्यु को वश में किया हुआ है।

छाल : —-

शिव ने शरीर पर व्याघ्र चर्म यानी बाघ की खाल पहनी हुई है। व्याघ्र हिंसा और अहंकार का प्रतीक माना जाता है। इसका अर्थ है कि शिव ने हिंसा और अहंकार का दमन कर उसे अपने नीचे दबा लिया है।

भस्म : —–

शिव के शरीर पर भस्म लगी होती है। शिवलिंग का अभिषेक भी भस्म से किया जाता है। भस्म का लेप बताता है कि यह संसार नश्वर है।

वृषभ : —–

शिव का वाहन वृषभ यानी बैल है। वह हमेशा शिव के साथ रहता है। वृषभ धर्म का प्रतीक है। महादेव इस चार पैर वाले जानवर की सवारी करते हैं, जो बताता है कि धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष उनकी कृपा से ही मिलते हैं।

इस तरह शिव-स्वरूप हमें बताता है कि उनका रूप विराट और अनंत है, महिमा अपरंपार है। उनमें ही सारी सृष्टि समाई हुई है।

       जय शिव शंकर नमामि शंकर

             जय शिव शंकर शंभू

      जय सोमनाथ 

जय जगन्नाथ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Post

Neelkantheshwar Temple, Udaipur(Madhya Pradesh)Neelkantheshwar Temple, Udaipur(Madhya Pradesh)

नीलकंठेश्वर मंदिर उदयपुर(मध्य प्रदेश)  परमार राजा भोज के पुत्र उदयादित्य द्वारा 10-11 वीं शताब्दी में बनवाया गया उदयपुर का नीलकंठेश्वर मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। यह मंदिर आस्था और

पंचवक्त्र महादेव मंदिर मंडी(हिमाचल प्रदेश)पंचवक्त्र महादेव मंदिर मंडी(हिमाचल प्रदेश)

पंचवक्त्र महादेव मंदिर मंडी(हिमाचल प्रदेश)  जिस तरह काशी गंगा के किनारे बसा है, ठीक उसी तरह मंडी व्यास नदी के तट पर बसा है। काशी की तरह मंडी में भी