HARI BOL
Categories:
Related Post
दुर्गा चालीसा (Durga Chalisa)दुर्गा चालीसा (Durga Chalisa)
|| दुर्गा चालीसा || नमो नमो दुर्गे सुख करनी ।नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी ॥ निरंकार है ज्योति तुम्हारी ।तिहूँ लोक फैली उजियारी ॥ शशि ललाट मुख महाविशाला ।नेत्र लाल
पता नहीं किस रूप में आकर “नारायण ” मिल जाएगापता नहीं किस रूप में आकर “नारायण ” मिल जाएगा
समय हाथ से निकल गया तोसिर धुन धुन पछतायेगानिर्मल मन के दर्पण में वहराम के दर्शन पायेगा राम नाम के साबुन से जोमन का मेल छुडायेगानिर्मल मन के दर्पण में
श्री शिव चालीसा –श्री शिव चालीसा –
|| श्री शिव चालीसा || || दोहा || शिव चालीसा जय गणेश गिरिजा सुवन,मंगल मूल सुजान । कहत अयोध्यादास तुम,देहु अभय वरदान ॥ || चौपाई || जय गिरिजा पति दीन