IUNNATI ADHYATMIK UNNATI भोग नन्दीश्वर मंदिर, चिकबलापुरा,(कर्नाटक)

भोग नन्दीश्वर मंदिर, चिकबलापुरा,(कर्नाटक)

भोग नन्दीश्वर मंदिर, चिकबलापुरा,(कर्नाटक) post thumbnail image

भारत के भव्य और अकल्पनीय मन्दिरों से हिन्दुओं परिचय करवाने की इस श्रृंखला में आज हम आपका परिचय करवा रहे हैं 

भोग नन्दीश्वर मंदिर, 

चिकबलापुरा,(कर्नाटक)

भगवान शिव को समर्पित यह विशाल व अद्भुत मंदिर कर्नाटक राज्य के बैंगलोर शहर से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पर चिकबलापुरा शहर में नंदी की पहाड़ियों पर स्थित है।

यह मंदिर 9वीं शताब्दी में बना कर्नाटक राज्य के सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक है जो भगवान शिव को समर्पित है। इसका निर्माण नोलाम्बा के शासकों द्वारा करवाया गया था। बाद में समय- समय पर विभिन्न राजाओं द्वारा इसके निर्माण को आगे बढ़ाया गया जिसमे बाना, गंगा, चोला व विजयवाड़ा के राजवंश प्रमुख थे।

 यह मंदिर प्राचीन सभ्यता में बने उत्कृष्ट कला का एक जीवंत उदहारण है जिसे पहाड़ियों के बीच बनाया गया है। इसकी सुंदरता का अनुमान आप इसी बात से ही लगा सकते है कि यह मंदिर चारो ओर से 5 पहाड़ियों ब्रह्मगिरी, विष्णुगिरी, स्कंदगिरी, दिव्यगिरी व नंदी दुर्गा से घिरा हुआ है जो इसे और भी अद्भुत बनाती है।

 “अरुणाचलेश्वर” और शिव के “भोग नंदेश्वर” रूपों का प्रतिनिधित्व हिंदू कथा के अनुसार, भगवान शिव के जीवन में दो चरण हैं: बचपन और युवा। “उमा-महेश्वरा” मंदिर में तीसरे चरण में शिव पार्वती देवी के विवाह का चित्रण है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Post

रामेश्वरदास मंदिर

भारत का वह मंदिर जहां पैसे चढ़ाना सख़्त मना है –भारत का वह मंदिर जहां पैसे चढ़ाना सख़्त मना है –

रामेश्वरदास मंदिर के बारे में संपूर्ण जानकारी रामेशर दास मंदिर हरियाणा के महेंद्रगढ़  ज़िले में नारनौल शहर से मात्र 25 किलोमीटर की दूरी पर बामनवास गाँव स्थित है ।यह गाँव

SIMACHAIAN TEMPLE

Simhachalam Temple ( सिंहाचलम मंदिर )Simhachalam Temple ( सिंहाचलम मंदिर )

सिंहाचलम मंदिर, विशाखापट्‍टनम(आंध्र प्रदेश) श्री हरि के चौथे अवतार भगवान नरसिंह को समर्पित है आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में स्थित सिंहाचलम मंदिर। वैसे तो भगवान नरसिंह के कई मंदिर भारत

यज्ञ और विज्ञान

यज्ञ और विज्ञान : शुभ कार्यों से पहले क्यों किया जाता है यज्ञ ? यज्ञ और विज्ञान : शुभ कार्यों से पहले क्यों किया जाता है यज्ञ ? 

यज्ञ और विज्ञान यज्ञ―भावना क्या है यज्ञ और विज्ञान​ भावना ? शुभ कार्यों से पहले क्यों किया जाता है यज्ञ और विज्ञान ? जो शुभ कर्म है और जो श्रेष्ठ